bina uske kahii akshar na jaayen ham | बिना उसके कहीं अक्सर न जाएँ हम

  - Harsh saxena
बिनाउसकेकहींअक्सरजाएँहम
पकड़लेहाथजोदफ़्तरजाएँहम
मिलेहैंमुद्दतोंमेंइसदफ़ाउनसेे
भलाकैसेगलेलगकरजाएँहम
हमेंबसउनकीपेशानीसेमतलबहै
कभीख़्वाबोंमेंभीलबपरजाएँहम
उन्हेंपानेकीख़ातिरजानापड़ताहै
वगरनाउसख़ुदाकेदरजाएँहम
मोहब्बतइसक़दरकीहोगईउनसेे
अगरवोमिलगएतोमरजाएँहम
  - Harsh saxena
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy