us darbaar men laazim tha apne sar ko KHam karte | उस दरबार में लाज़िम था अपने सर को ख़म करते

  - Haidar Qureshi
उसदरबारमेंलाज़िमथाअपनेसरकोख़मकरते
वर्नाकम-अज़-कमअपनीआवाज़हीमद्धमकरते
इसकीअनातस्कीननहींपातीख़ालीलफ़्ज़ोंसे
शायदकुछहोजाताअसरतुमगिर्या-ए-पैहमकरते
सीखलियाहैआख़िरहमनेइश्क़मेंख़ुशख़ुशरहना
दर्दकोअपनीदवाबनातेज़ख़्मकोमरहमकरते
कामहमारेहिस्सेकेसबकरगयाथादिवाना
कौनसाऐसाकामथाबाक़ीजिसकोअबहमकरते
हरजानेवालेकोदेखकेरखलियादिलपरपत्थर
किसकिसकोरोतेआख़िरकिसकिसकामातमकरते
दिलतोहमाराजिसेपत्थरसेभीसख़्तहुआथा
पत्थरपानीहोगयासूखीआँखोंकोनमकरते
बनजातातिरयाक़उसीकाज़हरअगरतुम'हैदर'
कोईआयतप्यारकीपढ़तेऔरउसपरदमकरते
  - Haidar Qureshi
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