taarikh ke aaghaaz se kuchh pahle | तारीख़ के आग़ाज़ से कुछ पहले

  - Hafeez Tabassum
तारीख़केआग़ाज़सेकुछपहले
इंसाननेतन्हाईसेतंगकर
चार-दीवारीकाख़ौफ़उतारफेंका
उसनेपत्तोंकालिबासईजादकिया
औरहिफ़ाज़तकेलिएनेज़ाभी
जबसफ़रकीसोचपैदाहुई
नक़्शाईजादकरलियागया
जिसमेंमंज़िलकाकोईनिशाननहींथा
जबदूर-दराज़केसफ़रपरचलनेकाख़्वाबनाज़िलहुआ
जूतेकीदरयाफ़्तपहलेहुई
याफिरसवारीकी
इब्तिदाईतारीख़ख़ामोशहै
पानीकेलिएमश्कीज़ाईजादहुआ
औरसफ़री-सामानकेलिएगठरी
जिसकेख़द्द-ओ-ख़ालआजसेमिलते-जुलतेहैं
गठरीमेंसबसेपहलेनक़्शारखागया
औरबूढ़ोंकीचंदनसीहतेंभी
औरतन्हाईकेफैलतेख़ौफ़ने
सातबर्र-ए-आज़मदरयाफ़्तकरलिए
  - Hafeez Tabassum
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