मगरवापसनहींलौटीं
इनदिनोंकर्फ़्यूँँकेबाइ'से
खुले-आमघूमनाममनूअ'था
लेकिनमैंनेदिनकीरफ़्तारसेतेज़भागतेहुए
शहरकाचक्करकाटा
रातकेसाएकेडरसे
मस्जिदोंमेंएलानकरवाएगए
मगरदहशतकेबिस्तरमेंदुबकेलोग
कुछनहींजानते
किसकीफटीएड़ियोंसेरिसताख़ून
लकीरेंखींचरहाहै
आख़िरअफ़्सुर्दगीसेदीवारमेंलगाटीवीआनकिया
सुपरमार्केटधमाकेसेउड़ादीगई
मैंभागताजा-ए-वक़ू'अपहुँचामगर
पानीसेमौतकेनिशान
गटरमेंबहाएजाचुकेथे
अबबे-यक़ीनीकेसिगरेटफूँकता
क़ब्रोंकेपासबैठाहूँ
जहाँबमधमाकेमेंमिरीरूहेंदफ़्नहैं
मगरमेरीनज़्मोंकीक़ब्रकौनसीहै
किमिट्टीकेचेहरेसेपहचानमुमकिननहीं
औरमैं
मरनेसेपहलेकतबालगानाचाहताहूँ
यहाँगुनहगारशाइ'रकीबे-गुनाहनज़्मेंदफ़्नहैं