yuñ utha de hamaare jee se garz | यूँँ उठा दे हमारे जी से ग़रज़

  - Hafeez Jaunpuri
यूँँउठादेहमारेजीसेग़रज़
होतेरेसिवाकिसीसेग़रज़
वोमनाएगाजिससेरूठेहो
हमकोमिन्नतसेआजिज़ीसेग़रज़
येभीएहसानहैक़नाअतका
अपनीअटकीनहींकिसीसेग़रज़
येमहलभीमक़ाम-ए-इबरतहै
आदमीकोहोआदमीसेग़रज़
दर्द-मंदोंकोक्यादवासेकाम
ग़म-नसीबोंकोक्याख़ुशीसेग़रज़
हुस्नआराइशोंकाहोमुहताज
उसकोआईनेआरसीसेग़रज़
चूरहैंनश्शा-ए-मोहब्बतमें
मयसेमतलबमय-कशीसेग़रज़
देरतकदीदकेमज़ेलूटे
ख़ूबनिकलीयेबे-ख़ुदीसेग़रज़
बे-नियाज़ीकीशानहीयेनहीं
उसकोबंदोंकीबंदीसेग़रज़
तेरीख़ातिरअज़ीज़हैवर्ना
मुझकोदुश्मनकीदोस्तीसेग़रज़
हममोहब्बतकेबंदेहैंवाइ'ज़
हमकोक्याबहसमज़हबीसेग़रज़
दैरहोका'बाहोकलीसाहो
उसकीधुनउसकीबंदगीसेग़रज़
शैख़कोइसक़दरपिलातेक्यूँँ
मय-कशोंकोथीदिल-लगीसेग़रज़
उसकोसमझोहज़्ज़-ए-नफ़स'हफ़ीज़'
औरहीकुछहैशाइ'रीसेग़रज़
  - Hafeez Jaunpuri
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