dil hai to tire vasl ke armaan bahut hain | दिल है तो तिरे वस्ल के अरमान बहुत हैं

  - Hafeez Jaunpuri
दिलहैतोतिरेवस्लकेअरमानबहुतहैं
येघरजोसलामतहैतोमेहमानबहुतहै
मैंदादकाख़्वाहाँनहींदावर-ए-महशर
आजअपनेकिएपरवोपशेमानबहुतहैं
दिललेकेखिलौनेकीतरहतोड़डालें
डरमुझकोयहीहैकिवोनादानबहुतहैं
वोफूलचढ़ातेहैंदबीजातीहैतुर्बत
मा'शूक़केथोड़ेसेभीएहसानबहुतहैं
तुमकोपसंदआएलोफेरदोमुझको
इसदिलकेख़रीदारमिरीजानबहुतहैं
डाँटाकभीग़म्ज़ेनेकभीनाज़नेटोका
ख़ल्वतमेंभीसाथउनकेनिगहबानबहुतहैं
ख़ालीभीकोईदिलहैवहाँइश्क़-ए-सनमसे
कहनेकोतोका'बेमेंमुसलमानबहुतहैं
शायदयेअसरहोमेरीआह-ए-सहरीका
कुछसुब्हसेवोआजपरेशानबहुतहैं
क्याशबको'हफ़ीज़'उनसेयहींवस्लकीठहरी
आजआपकेघरऐशकेसामानबहुतहैं
  - Hafeez Jaunpuri
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