lau dene laga hai tiri yaadon ka diya phir | लौ देने लगा है तिरी यादों का दिया फिर

  - Hafeez Betab
लौदेनेलगाहैतिरीयादोंकादियाफिर
बहकेकहींदेखनाजंगलकीहवाफिर
तज्दीद-ए-मोहब्बतकाख़यालआयाहैउसको
पाएकहींजुर्म-ए-वफ़ाकीवोसज़ाफिर
शायदकिलीअंगड़ाईकिसीचाँद-बदनने
हैजानसाख़ामोशसमुंदरमेंउठाफिर
इफ़रीत-ए-शब-ए-तारनेलबखोलेहैंक्याक्या
ख़ामोशी-ए-सहरासेउठेकोईसदाफिर
फिरख़्वाबसजानेलगेपलकोंपेदिवाने
भौँरोंकोरिझानेलगीफूलोंकीअदाफिर
तुमथेकिमिरेपाँवमेंज़ंजीरथी'बेताब'
बे-नामतअ'ल्लुक़हीसहीक्यूँरहाफिर
  - Hafeez Betab
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