kis qadar maila dil ka darpan hai | किस क़दर मैला दिल का दर्पन है

  - Habeeb Ahmad Anjum Datiavi
किसक़दरमैलादिलकादर्पनहै
आदमीआदमीकादुश्मनहै
कहरहीहैयेवक़्तकीरफ़्तार
ज़िंदगीज़िंदगीकामदफ़नहै
चाहतेहैंकिएकहोजाएँ
क्याकरेंदिलहमारादुश्मनहै
अबसदाक़तपेहैयक़ीनकहाँ
झूटकाबोलनाबड़ा-पनहै
रक़्सउर्यानियतकाहैहर-सू
अहद-ए-हाज़िरकायेनया-पनहै
ख़ैरमेरेसफ़रकीहोया-रब
हम-सफ़रआजमेरारहज़नहै
बातजितनीबड़ीहोसचयेहै
उसमेंइतनाहीखोखला-पनहै
हाथनफ़रतसेक्यूँमिलातेहो
येतोज़हरीलेनागकाफनहै
तीरगीकानहींहैख़ौफ़मुझे
मेरेहाथोंमेंउनकादामनहै
वोख़फ़ाक्याहुएकि'अंजुम'
सूनासूनासादिलकाआँगनहै
  - Habeeb Ahmad Anjum Datiavi
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