खुलीकिताबकेसफ़्हेउलटतेरहतेहैं
हवाचलेनचलेदिनपलटतेरहतेहैं
बसएकवहशत-ए-मंज़िलहैऔरकुछभीनहीं
किचंदसीढ़ियाँचढ़तेउतरतेरहतेहैं
मुझेतोरोज़कसौटीपेदर्दकसताहै
किजाँसेजिस्मकेबख़ियेउधड़तेरहतेहैं
कभीरुकानहींकोईमक़ाम-ए-सहरामें
किटीलेपाँव-तलेसेसरकतेरहतेहैं
येरोटियाँहैंयेसिक्केहैंऔरदाएरेहैं
येएकदूजेकोदिनभरपकड़तेरहतेहैं
भरेहैंरातकेरेज़ेकुछऐसेआँखोंमें
उजालाहोतोहमआँखेंझपकतेरहतेहैं