zikr hota hai jahaan bhi mire afsaane ka | ज़िक्र होता है जहाँ भी मिरे अफ़्साने का

  - Gulzar
ज़िक्रहोताहैजहाँभीमिरेअफ़्सानेका
एकदरवाज़ासाखुलताहैकुतुब-ख़ानेका
एकसन्नाटादबे-पाँवगयाहोजैसे
दिलसेइकख़ौफ़सागुज़राहैबिछड़जानेका
बुलबुलाफिरसेचलापानीमेंग़ोतेखाने
समझनेकाउसेवक़्तसमझानेका
मैंनेअल्फ़ाज़तोबीजोंकीतरहछाँटदिए
ऐसामीठातिराअंदाज़थाफ़रमानेका
किसकोरोकेकोईरस्तेमेंकहाँबातकरे
तोआनेकीख़बरहैपताजानेका
  - Gulzar
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