phoolon ki tarah lab khol kabhi | फूलों की तरह लब खोल कभी

  - Gulzar
फूलोंकीतरहलबखोलकभी
ख़ुशबूकीज़बाँमेंबोलकभी
अल्फ़ाज़परखतारहताहै
आवाज़हमारीतोलकभी
अनमोलनहींलेकिनफिरभी
पूछतोमुफ़्तकामोलकभी
खिड़कीमेंकटीहैंसबरातें
कुछचौरसथींकुछगोलकभी
येदिलभीदोस्तज़मींकीतरह
होजाताहैडाँवा-डोलकभी
  - Gulzar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy