aisa KHaamosh to manzar na fana ka hota | ऐसा ख़ामोश तो मंज़र न फ़ना का होता

  - Gulzar
ऐसाख़ामोशतोमंज़रफ़नाकाहोता
मेरीतस्वीरभीगिरतीतोछनाकाहोता
यूँँभीइकबारतोहोताकिसमुंदरबहता
कोईएहसासतोदरियाकीअनाकाहोता
साँसमौसमकीभीकुछदेरकोचलनेलगती
कोईझोंकातिरीपलकोंकीहवाकाहोता
काँचकेपारतिरेहाथनज़रआतेहैं
काशख़ुशबूकीतरहरंगहिनाकाहोता
क्यूँँमिरीशक्लपहनलेताहैछुपनेकेलिए
एकचेहराकोईअपनाभीख़ुदाकाहोता
  - Gulzar
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