mujhe andhere men be-shak bitha diya hota | मुझे अँधेरे में बे-शक बिठा दिया होता

  - Gulzar
मुझेअँधेरेमेंबे-शकबिठादियाहोता
मगरचराग़कीसूरतजलादियाहोता
रौशनीकोईआतीमिरेतआ'क़ुबमें
जोअपने-आपकोमैंनेबुझादियाहोता
येदर्दजिस्मकेया-रबबहुतशदीदलगे
मुझेसलीबपेदोपलसुलादियाहोता
येशुक्रहैकिमिरेपासतेराग़मतोरहा
वगर्नाज़िंदगीनेतोरुलादियाहोता
  - Gulzar
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