vo insaan jo shikaar-e-gardish-e-ayyaam hota hai | वो इंसाँ जो शिकार-ए-गर्दिश-ए-अय्याम होता है

  - Ghubar Kiratpuri
वोइंसाँजोशिकार-ए-गर्दिश-ए-अय्यामहोताहै
भलाकरताहैदुनियाकामगरबदनामहोताहै
जोदेखोग़ौरसेहरशे'रइकइल्हामहोताहै
सभीअशआ'रसेज़ाहिरकोईपैग़ामहोताहै
दहलजातेहैंदिलकलियोंकेगुलशनथरथराताहै
चमनमेंजबकोईताइरअसीर-ए-दामहोताहै
ख़िरदहाइलहुआकरतीहैजबभीराह-ए-उल्फ़तमें
जुनून-ए-इश्क़-ए-सादिक़मुफ़्तमेंबदनामहोताहै
जबजाताहैग़ालिबज़ोर-ए-बातिलहक़-परस्तोंपर
निज़ाम-ए-जब्रसेहर-सूबपाकोहरामहोताहै
येदुनियाहैअजबइसमेंभलाक्याक्यानहींहोता
यहाँमासूमइंसाँमोरिद-ए-इल्ज़ामहोताहै
हैमय-ख़ाना'ग़ुबार'इसमेंकिसीकोहक़नहींमिलता
ज़बरदस्तीउठालेजोउसीकाजामहोताहै
  - Ghubar Kiratpuri
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