jis men na ho sukoon naseeb aise jahaan ko kya karoon | जिस में न हो सुकूँ नसीब ऐसे जहाँ को क्या करूँँ

  - Ghubar Kiratpuri
जिसमेंहोसुकूँनसीबऐसेजहाँकोक्याकरूँँ
राहत-ए-दिलहोजहाँऐसेमकाँकोक्याकरूँँ
सुब्हनसीमकीजगहबाद-ए-सुमूमतुंद-ओ-तेज़
गुलकेबजाएख़ारहैंबाग़-ए-जहाँकोक्याकरूँँ
वा'देहज़ार-हाकिएरहबर-ए-क़ौमनेमगर
वा'दाकोईवफ़ानहींऐसीज़बाँकोक्याकरूँँ
तूती-ए-गुल-अदानहींबुलबुल-ए-ख़ुश-नवानहीं
कर्गस-ओ-ज़ाग़होंजहाँऐसेजहाँकोक्याकरूँँ
वा'दापेजीरहाहूँमैंनाकमेंगयाहैदम
ज़ाहिरीग़मकोक्याकरूँँसोज़-ए-निहाँकोक्याकरूँँ
जितनेभीख़ास-ओ-आमहैंज़रकेसभीग़ुलामहैं
क्याकहूँमीर-ए-वक़्तकोपीर-ए-मुग़ाँकोक्याकरूँँ
बर-सर-ए-मंज़िल-ए-मुरादधोकेदिएहैंक़ौमको
येतोबताओफ़ितरत-ए-राहबराँकोक्याकरूँँ
  - Ghubar Kiratpuri
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