tum se bichhad ke KHud se bhi ham door ho ga.e | तुम से बिछड़ के ख़ुद से भी हम दूर हो गए

  - Ghazal Jafari
तुमसेबिछड़केख़ुदसेभीहमदूरहोगए
गुमनामहोकेऔरभीमशहूरहोगए
येऔरबाततुमसहीदूसरासही
कुछफ़ैसलेतोहमकोभीमंज़ूरहोगए
शोहरतजिन्हेंमिलीथीहमारीदु'आओंसे
क़ुदरतकीशानहमसेभीमग़रूरहोगए
मैंनेतोतुमकोटूटकेचाहाथाजान-ए-जाँ
तुमजानेकिसख़यालसेमजबूरहोगए
हाँअपनीशा'इरीपेहमेंनाज़है'ग़ज़ल'
कहनेकोअपनेख़्वाबकईचूरहोगए
  - Ghazal Jafari
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