जुनूँमेंदेरसेख़ुदकोपुकारताहूँमैं
जोग़महैदामन-ए-सहरामेंवोसदाहूँमैं
बदलगयाहैज़मानाबदलगयाहूँमैं
अबअपनीसम्तभीहैरतसेदेखताहूँमैं
हयातएकसज़ाहैभगतरहाहूँमैं
दर-ए-क़ुबूलसेलौटीहुईदु'आहूँमैं
जिसेख़ुदआपहीअपनेपेप्यारआजाए
जफ़ाकेदौरमेंवोलग़्ज़िश-ए-वफ़ाहूँमैं
जमाल-ए-यारकीरानाइयाँमआज़-अल्लाह
निगाहबनकेनज़ारोंमेंखोगयाहूँमैं
बसएकजुम्बिश-ए-लबतकवजूदहैजिसका
ज़बान-ए-शौक़पेवोहर्फ़-ए-मुद्दआ'हूँमैं
अगरहैजुर्ममोहब्बततोफिरतकल्लुफ़क्या
मदार-ए-जुर्महूँतक़्सीरहूँख़ताहूँमैं
रफ़ाक़तोंकेयेफ़ानूसता-ब-कै'एजाज़'
हवाकीज़दपेलरज़ताहुआदियाहूँमैं