jahaan KHaraab sahi ham badan-dareeda sahi | जहाँ ख़राब सही हम बदन-दरीदा सही

  - Ghalib Ayaz
जहाँख़राबसहीहमबदन-दरीदासही
तिरीतलाशमेंनिकलेहैंपा-बुरीदासही
जहान-ए-शेरमेंमेरीकईरियासतेंहैं
मैंअपनेशहरमेंगुमनामना-शुनीदासही
भलेहीछाँवदेआसरातोदेताहै
येआरज़ूकाशजरहैख़िज़ाँ-रसीदासही
इन्हीबुझीहुईआँखोंमेंख़्वाबउतरेंगे
यक़ींछोड़येबीमारशब-गुज़ीदासही
दिलोंकोजोड़नेवालीग़ज़लसलामतहै
तअल्लुक़ातहमारेभलेकशीदासही
  - Ghalib Ayaz
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