हुआकरेगाहरइकलफ़्ज़मुश्क-बारअपना
अभीसुकूँसेकिएजाओइंतिज़ारअपना
उठालियाहैहलफ़गरचेजाँ-निसारीका
मुझेसंभालकिहोताहूँबारबारअपना
उदासआँखकोहैइंतिज़ारफ़स्ल-ए-मुराद
कभीतोमौसम-ए-जाँहोगासाज़गारअपना
तुम्हारेदरसेउठाएगएमलालनहीं
वहाँतोछोड़केआएहैंहमग़ुबारअपना
बहुतबुलंदहुईजातीहैअनाकीफ़सील
सोहमभीतंगकिएजातेहैंहिसारअपना
हरइकचराग़कोहैदुश्मनीहवाकेसाथ
बेचारीलेकेकहाँजाएइंतिशारअपना