hawa jab kisi ki kahaanii kahe hai | हवा जब किसी की कहानी कहे है

  - Gautam Rajrishi
हवाजबकिसीकीकहानीकहेहै
नएमौसमोंकीज़बानीकहेहै
फ़सानाहैजिस्मोंकाबे-शकज़मीनी
मगररूहतोआसमानीकहेहै
तुझेचलज़रासामैंमीठाबनादूँ
समुंदरसेदरियाकापानीकहेहै
डसारत-जगोंनेहैख़्वाबोंकोफिरसे
सुलगतीहुईरात-रानीकहेहै
लटेंचंदचाँदीकीबख़्शींतुझेजा
विदाअ'लेतीमुझसेजवानीकहेहै
हैचढ़नेलगीफिरसेढलतीहुईउम्र
तिरीशर्टयेज़ाफ़रानीकहेहै
नईबातहोअबनएगीतछेड़ो
गुज़रतीघड़ीहरपुरानीकहेहै
  - Gautam Rajrishi
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