ki is se pahle khizaan ka shikaar ho jaaun | कि इस से पहले ख़िज़ाँ का शिकार हो जाऊँ

  - Gautam Rajrishi
किइससेपहलेख़िज़ाँकाशिकारहोजाऊँ
सजालूँख़ुदकोमुकम्मलबहारहोजाऊँ
उतारनेकोपहाड़ोंसेधूपघाटीमें
मैंकोईचीड़कोईदेवदारहोजाऊँ
नहींहूँतुझसेमैंवाबस्ताजहाँलेकिन
येसोचताहूँकिअबहोशियारहोजाऊँ
भाएलोगयहाँकेशहरहीयेमुझे
मगरमैंख़ुदसेहीकैसेफ़रारहोजाऊँ
भलेहोंतैशमेंलहरेंमगरकिसेपरवाह
मैंकूदजाऊँतोदरियाकेपारहोजाऊँ
कोईजवाबतोसूरजकेज़ुल्मकाभीहो
मैंबारिशोंकीजोठंडीफुवारहोजाऊँ
  - Gautam Rajrishi
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