hain jitni parten yahaañ aasmaan men shaamil | हैं जितनी परतें यहाँ आसमान में शामिल

  - Gautam Rajrishi
हैंजितनीपरतेंयहाँआसमानमेंशामिल
सभीहुईंमिरीहदकीउड़ानमेंशामिल
बढ़ाहैशहरमेंरुत्बाज़राहमाराभी
हुएहैंजैसेहमउनकेबयानमेंशामिल
उछालयूँँहीनहींबढ़गईहैलहरोंकी
नदीकाज़ोरभीहैकुछढलानमेंशामिल
धुआँग़ुबारपरिंदेतपिशघुटनख़ुश्बू
हैंबोझकितनेहवाकीथकानमेंशामिल
थींक़िस्तजितनीभीख़्वाबोंकीबे-हिसाबपड़ी
कियाहैनींदनेसबकोलगानमेंशामिल
सुनाहैनामसेतेरेहैंबिकतेअफ़्साने
मुझेभीकरलेकभीदास्तानमेंशामिल
ज़रासीदोस्तीकीहमसेक़ाफ़ियोंनेकिया
कियाग़ज़लनेहमेंख़ानदानमेंशामिल
  - Gautam Rajrishi
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