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gaurav saklani
ek insaan hi nahin hai bas
ek insaan hi nahin hai bas | एक इंसान ही नहीं है बस
- gaurav saklani
एक
इंसान
ही
नहीं
है
बस
उम्र
बीतेगी
ये
भुलाने
में
- gaurav saklani
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देख
कर
इंसान
की
बेचारगी
शाम
से
पहले
परिंदे
सो
गए
Iffat Zarrin
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इत्तिफ़ाक़
अपनी
जगह
ख़ुश-क़िस्मती
अपनी
जगह
ख़ुद
बनाता
है
जहाँ
में
आदमी
अपनी
जगह
Anwar Shaoor
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आने
वाले
जाने
वाले
हर
ज़माने
के
लिए
आदमी
मज़दूर
है
राहें
बनाने
के
लिए
Hafeez Jalandhari
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
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Khalid Sajjad
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मैं
तुझे
खो
के
भी
ज़िंदा
हूँ
ये
देखा
तूने
किस
क़दर
हौसला
हारे
हुए
इंसान
में
है
Abbas Tabish
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गिरजा
में
मंदिरों
में
अज़ानों
में
बट
गया
होते
ही
सुब्ह
आदमी
ख़ानों
में
बट
गया
Nida Fazli
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तुम्हारी
ज़िंदगी
में
तुम
हमेशा
मुझे
हर
आदमी
में
सुन
सकोगी
सुनोगी
जब
कभी
भी
शे'र
मेरे
तो
ख़ुद
को
शा'इरी
में
सुन
सकोगी
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Sanskar 'Sanam'
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उरूज-ए-आदम-ए-ख़ाकी
से
अंजुम
सह
में
जाते
हैं
कि
ये
टूटा
हुआ
तारा
मह-ए-कामिल
न
बन
जाए
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Allama Iqbal
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बस-कि
दुश्वार
है
हर
काम
का
आसाँ
होना
आदमी
को
भी
मुयस्सर
नहीं
इंसाँ
होना
Mirza Ghalib
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ज़िक्र
तुमने
किया
मगर
फिर
भी
हो
रहा
क्यूँ
नहीं
असर
फिर
भी
तोड़
के
रख
दिया
मुझे
जिसने
लग
रहा
है
मुझे
क़मर
फिर
भी
खाई
थी
क़स
में
अब
न
देखेंगे
आ
रहा
है
वहीं
नज़र
फिर
भी
थक
गए
मुझको
तुम
मिटाने
में
हो
रहा
है
गुज़र-बसर
फिर
भी
ज़िंदगी
क्यूँ
तुझे
शिकायत
है
दे
दिया
ख़ून-ए-दिल
जिगर
फिर
भी
"एक
शायर"
ग़ज़ल
सुनाता
है
बहरस
दूर
है
डगर
फिर
भी
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gaurav saklani
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आँखों
की
चौखट
पड़ी
है
धूल
मतलब
वक़्त
ने
तोड़ा
था
पर
बिखरा
नहीं
था
gaurav saklani
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कर
भी
लेगें
जो
ख़ुद-कुशी
तो
क्या
मौत
के
बाद
ग़म
नहीं
होगा
gaurav saklani
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एक
शायर
ग़ज़ल
सुनाता
है
बहरस
दूर
है
डगर
फिर
भी
gaurav saklani
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जुड़
रहा
है
वो
जो
कहानी
में
साथ
देगा
वो
बस
जवानी
में
gaurav saklani
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