दुखीदिलोंमें,दुखीसाथियोंमेंरहतेथे
येऔरबातकिहममुस्कुराभीलेतेथे
वोएकशख़्सबुराईपेतुलगयातोचलो
सवालयेहैकिहमभीकहाँफ़रिश्तेथे
औरअबनआँखनआँसूनधड़कनेंदिलमें
तुम्हीकहोकियेदरियाकभीउतरतेथे
जुदाइयोंकीघड़ीनक़्शनक़्शबोलतीहै
वोबर्फ़-बारहवाथी,वोदाँतबजतेथे
अबइनकीगूँजयहाँतकसुनाईदेतीहै
वोक़हक़हेजोतिरीअंजुमनमेंलगतेथे
वोएकदिनकिमोहब्बतकादिनकहेंजिसको
किआगथीनतपिशबससुलगतेजातेथे
कहाँवोज़ब्तकेदा'वेकहाँयेहम'गौहर'
किटूटतेथेनफिरटूटकरबिखरतेथे