zindagi ka nisaab be-ma'nius ke haq men kitaab be-ma'ni | ज़िंदगी का निसाब बे-मा'नी

  - G R Kanwal
ज़िंदगीकानिसाबबे-मा'नी
उसकेहक़मेंकिताबबे-मा'नी
हासिल-ए-तजरबातख़ामोशी
सबसवाल-ओ-जवाबबे-मा'नी
ख़्वाबटूटाहुआसितारा-ए-शब
औरताबीर-ए-ख़्वाबबे-मा'नी
हुस्नकेबे-शुमारजल्वेहैं
ज़हमत-ए-इंतिख़ाबबे-मा'नी
वहीबंदेवहीचलनउनका
नारा-ए-इन्क़िलाबबे-मा'नी
इकख़यालीबहिश्तकीख़ातिर
फ़िक्र-ए-रोज़-ए-हिसाबबे-मा'नी
फ़र्दकेएहतिसाबसेपहले
क़ौमकाएहतिसाबबे-मा'नी
जिसकेरुख़परहयाकापर्दाहो
उसकेरुख़परनक़ाबबे-मा'नी
मौज-दर-मौजहोतोबातभीहै
क़तराक़तराशराबबे-मा'नी
कुछभीकरलेज़मींहोगाकभी
अर्शपरआफ़्ताबबे-मा'नी
ख़ारज़ारोंमेंघरबनाके'कँवल'
आरज़ू-ए-गुलाबबे-मा'नी
  - G R Kanwal
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