ghar nahin raahguzaar men rehta hai | घर नहीं रहगुज़र में रहता है

  - G R Kanwal
घरनहींरहगुज़रमेंरहताहै
पाँवमेरासफ़रमेंरहताहै
वोचलाजाएतोभीपहरोंतक
उसकाचेहरानज़रमेंरहताहै
जाचुकाहैजोबज़्म-ए-हस्तीसे
वोभीदीवार-ओ-दरमेंरहताहै
चारा-गरकाकरमतोहैफिरभी
दर्दहीदर्दसरमेंरहताहै
जिसनेतश्कीलकीहैमेरी'कँवल'
मेरेक़ल्ब-ओ-जिगरमेंरहताहै
  - G R Kanwal
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