firaq ik nayi soorat nikal to sakti hai | 'फ़िराक़' इक नई सूरत निकल तो सकती है

  - Firaq Gorakhpuri
'फ़िराक़'इकनईसूरतनिकलतोसकतीहै
ब-क़ौलउसआँखकेदुनियाबदलतोसकतीहै
तिरेख़यालकोकुछचुपसीलगगईवर्ना
कहानियोंसेशब-ए-ग़मबहलतोसकतीहै
उरूस-ए-दहरचलेखाकेठोकरेंलेकिन
क़दमक़दमपेजवानीउबलतोसकतीहै
पलटपड़ेकहींउसनिगाहकाजादू
किडूबकरयेछुरीकुछउछलतोसकतीहै
बुझेहुएनहींइतनेबुझेहुएदिलभी
फ़सुर्दगीमेंतबीअ'तमचलतोसकतीहै
अगरतूचाहेतोग़मवालेशादमाँहोजाएँ
निगाह-ए-यारयेहसरतनिकलतोसकतीहै
अबइतनीबंदनहींग़म-कदोंकीभीराहें
हवा-ए-कूच-ए-महबूबचलतोसकतीहै
कड़ेहैंकोसबहुतमंज़िल-ए-मोहब्बतके
मिलेछाँवमगरधूपढलतोसकतीहै
हयातलौतह-ए-दामान-ए-मर्गदेउट्ठी
हवाकीराहमेंयेशम्अजलतोसकतीहै
कुछऔरमस्लहत-ए-जज़्ब-ए-इश्क़हैवर्ना
किसीसेछुटकेतबीअ'तसँभलतोसकतीहै
अज़लसेसोईहैतक़दीर-ए-इश्क़मौतकीनींद
अगरजगाइएकरवटबदलतोसकतीहै
ग़म-ए-ज़माना-ओ-सोज़-ए-निहाँकीआँचतोदे
अगरटूटेयेज़ंजीरगलतोसकतीहै
शरीक-ए-शर्म-ओ-हयाकुछहैबद-गुमानी-ए-हुस्न
नज़रउठायेझिजकसीनिकलतोसकतीहै
कभीवोमिलसकेगीमैंयेनहींकहता
वोआँखआँखमेंपड़करबदलतोसकतीहै
बदलताजाएग़म-ए-रोज़गारकामरकज़
येचालगर्दिश-ए-अय्यामचलतोसकतीहै
वोबे-नियाज़सहीदिलमता-ए-हेचसही
मगरकिसीकीजवानीमचलतोसकतीहै
तिरीनिगाहसहारादेतोबातहैऔर
किगिरतेगिरतेभीदुनियासँभलतोसकतीहै
येज़ोर-ओ-शोरसलामततिरीजवानीभी
ब-क़ौलइश्क़केसाँचेमेंढलतोसकतीहै
सुनाहैबर्फ़केटुकड़ेहैंदिलहसीनोंके
कुछआँचपाकेयेचाँदीपिघलतोसकतीहै
हँसीहँसीमेंलहूथूकतेहैंदिलवाले
येसर-ज़मीनमगरला'लउगलतोसकतीहै
जोतूनेतर्क-ए-मोहब्बतकोअहल-ए-दिलसेकहा
हज़ारनर्महोयेबातखलतोसकतीहै
अरेवोमौतहोयाज़िंदगीमोहब्बतपर
कुछसहीकफ़-ए-अफ़सोसमलतोसकतीहै
हैंजिसकेबलपेखड़ेसरकशोंकोवोधरती
अगरकुचलनहींसकतीनिगलतोसकतीहै
हुईहैगर्मलहूपीकेइश्क़कीतलवार
यूँँहीजिलाएजायेशाख़फलतोसकतीहै
गुज़ररहीहैदबेपाँवइश्क़कीदेवी
सुबुक-रवीसेजहाँकोमसलतोसकतीहै
हयातसेनिगह-ए-वापसींहैकुछमानूस
मिरेख़यालसेआँखोंमेंपलतोसकतीहै
भूलनायेहैताख़ीरहुस्नकीताख़ीर
'फ़िराक़'आईहुईमौतटलतोसकतीहै
  - Firaq Gorakhpuri
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