bastiyaan Dhoondh rahi hain unhen veeraanon men | बस्तियाँ ढूँढ़ रही हैं उन्हें वीरानों में

  - Firaq Gorakhpuri
बस्तियाँढूँढ़रहीहैंउन्हेंवीरानोंमें
वहशतेंबढ़गईंहदसेतिरेदीवानोंमें
निगह-ए-नाज़दीवानोंफ़र्ज़ानोंमें
जानकारएकवहीहैमगरअन-जानोंमें
बज़्म-ए-मयबे-ख़ुद-ओ-बे-ताबक्यूँँहोसाक़ी
मौज-ए-बादाहैकिदर्दउठताहैपैमानोंमें
मैंतोमैंचौंकउठीहैयेफ़ज़ा-ए-ख़ामोश
येसदाकबकीसुनीआतीहैफिरकानोंमें
सैरकरउजड़ेदिलोंकीजोतबीअतहैउदास
जीबहलजातेहैंअक्सरइन्हींवीरानोंमें
वुसअतेंभीहैंनिहाँतंगी-ए-दिलमेंग़ाफ़िल
जीबहलजातेहैंअक्सरइन्हींमैदानोंमें
जानईमान-ए-जुनूँसिलसिलाजुम्बान-ए-जुनूँ
कुछकशिश-हा-ए-निहाँजज़्बहैंवीरानोंमें
ख़ंदा-ए-सुब्ह-ए-अज़लतीरगी-ए-शाम-ए-अबद
दोनोंआलमहैंछलकतेहुएपैमानोंमें
देखजबआलम-ए-हूकोतोनयाआलमहै
बस्तियाँभीनज़रआनेलगींवीरानोंमें
जिसजगहबैठगएआगलगाकरउट्ठे
गर्मियाँहैंकुछअभीसोख़्ता-सामानोंमें
वहशतेंभीनज़रआतीहैंसर-ए-पर्दा-ए-नाज़
दामनोंमेंहैयेआलमगरेबानोंमें
एकरंगीनी-ए-ज़ाहिरहैगुलिस्ताँमेंअगर
एकशादाबी-ए-पिन्हाँहैबयाबानोंमें
जौहर-ए-ग़ुंचा-ओ-गुलमेंहैइकअंदाज़-ए-जुनूँ
कुछबयाबाँनज़रआएहैंगरेबानोंमें
अबवोरंग-ए-चमन-ओ-ख़ंदा-ए-गुलभीरहे
अबवोआसार-ए-जुनूँभीनहींदीवानोंमें
अबवोसाक़ीकीभीआँखेंरहींरिंदोंमें
अबवोसाग़रभीछलकतेनहींमय-ख़ानोंमें
अबवोइकसोज़-ए-निहानीभीदिलोंमेंरहा
अबवोजल्वेभीनहींइश्क़केकाशानोंमें
अबवोरातजबउम्मीदेंभीकुछथींतुझसे
अबवोबातग़म-ए-हिज्रकेअफ़्सानोंमें
अबतिराकामहैबसअहल-ए-वफ़ाकापाना
अबतिरानामहैबसइश्क़केग़म-ख़ानोंमें
ता-ब-कैवादा-ए-मौहूमकीतफ़्सील'फ़िराक़'
शब-ए-फ़ुर्क़तकहींकटतीहैइनअफ़्सानोंमें
  - Firaq Gorakhpuri
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