ab daur-e-aasmaan hai na daur-e-hayaat hai | अब दौर-ए-आसमाँ है न दौर-ए-हयात है

  - Firaq Gorakhpuri
अबदौर-ए-आसमाँहैदौर-ए-हयातहै
दर्द-ए-हिज्रतूहीबताकितनीरातहै
हरकाएनातसेयेअलगकाएनातहै
हैरत-सरा-ए-इश्क़मेंदिनहैरातहै
जीनाजोगयातोअजलभीहयातहै
औरयूँँतोउम्र-ए-ख़िज़्रभीक्याबे-सबातहै
क्यूँँइंतिहा-ए-होशकोकहतेहैंबे-ख़ुदी
ख़ुर्शीदहीकीआख़िरीमंज़िलतोरातहै
हस्तीकोजिसनेज़लज़ला-सामाँबनादिया
वोदिलक़रारपाएमुक़द्दरकीबातहै
येमुशगाफ़ियाँहैंगिराँतब-ए-इश्क़पर
किसकोदिमाग़-ए-काविश-ए-ज़ात-ओ-सिफ़ातहै
तोड़ाहैला-मकाँकीहदोंकोभीइश्क़ने
ज़िंदान-ए-अक़्लतेरीतोक्याकाएनातहै
गर्दूंशरार-ए-बर्क़-ए-दिल-ए-बे-क़रारदेख
जिनसेयेतेरीतारोंभरीरातरातहै
गुमहोकेहरजगहहैंज़-ख़ुदरफ़्तगान-ए-इश्क़
उनकीभीअहल-ए-कश्फ़-ओ-करामातज़ातहै
हस्तीब-जुज़फ़ना-ए-मुसलसलकेकुछनहीं
फिरकिसलिएयेफ़िक्र-ए-क़रार-ओ-सबातहै
उसजान-ए-दोस्तीकाख़ुलूस-ए-निहाँपूछ
जिसकासितमभीग़ैरत-ए-सद-इल्तिफ़ातहै
यूँँतोहज़ारदर्दसेरोतेहैंबद-नसीब
तुमदिलदुखाओवक़्त-ए-मुसीबततोबातहै
उनवानग़फ़लतोंकेहैंक़ुर्बतहोयाविसाल
बसफ़ुर्सत-ए-हयात'फ़िराक़'एकरातहै
  - Firaq Gorakhpuri
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