un nigaahon ko ham-aawaz kiya hai main ne | उन निगाहों को हम-आवाज़ किया है मैं ने

  - Fawad Ahmad
उननिगाहोंकोहम-आवाज़कियाहैमैंने
तबकहींगीतकाआग़ाज़कियाहैमैंने
ख़त्महोता-किसितारोंकीइजारा-दारी
ख़ाककोमाइल-ए-परवाज़कियाहैमैंने
आपकोइकनईख़िफ़्फ़तसेबचानेकेलिए
चाँदनीकोनज़र-अंदाज़कियाहैमैंने
आसमानोंकीतरफ़औरनहींदेखूँगा
इकनएदौरकाआग़ाज़कियाहैमैंने
रूठेलोगोंकोमनानेमेंमज़ाआताहै
जानकरआपकोनाराज़कियाहैमैंने
तुममुझेछोड़केइसतरहनहींजासकते
इसत'अल्लुक़पेबहुतनाज़कियाहैमैंने
वोजोसदियोंसेयहाँबंदपड़ाथादेखो
शा'इरीकावहीदरबाज़कियाहैमैंने
सुनकेमबहूतहुईजातीहैदुनियासारी
शे'रलिक्खेहैंकिएजाज़कियाहैमैंने
इश्क़मेंनामकमानाकोईआसानथा
सारेअहबाबकोनाराज़कियाहैमैंने
सिर्फ़लोगोंकोबतानेसेतसल्लीहुई
चाँदतारोंकोभीहमराज़कियाहैमैंने
औरभीहोंगेकईचाहनेवालेलेकिन
आपकेनामकोमुम्ताज़कियाहैमैंने
आसमानोंसेपरेकरताहैअबजाकेशिकार
ताइर-ए-दिलकोवोशहबाज़कियाहैमैंने
शाइरोंसेजोतिरेबादकभीहोसका
कामवोहाफ़िज़-ए-शीराज़कियाहैमैंने
  - Fawad Ahmad
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