औरतहूँमगरसूरत-ए-कोहसारखड़ीहूँ
इकसचकेतहफ़्फ़ुज़केलिएसबसेलड़ीहूँ
वोमुझसेसितारोंकापतापूछरहाहै
पत्थरकीतरहजिसकीअँगूठीमेंजड़ीहूँ
अल्फ़ाज़नआवाज़नहमराज़नदम-साज़
येकैसेदोराहेपेमैंख़ामोशखड़ीहूँ
इसदश्त-ए-बलामेंनसमझख़ुदकोअकेला
मैंचोबकीसूरततिरेखे़
मेंमेंगड़ीहूँ
फूलोंपेबरसतीहूँकभीसूरत-ए-शबनम
बदलीहुईरुतमेंकभीसावनकीझड़ीहूँ