तूनेदेखाहैकभीएकनज़रशामकेबा'द
कितनेचुप-चापसेलगतेहैंशजरशामकेबा'द
इतनेचुप-चापकिरस्तेभीरहेंगेला-इल्म
छोड़जाएँगेकिसीरोज़नगरशामकेबा'द
मैंनेऐसेहीगुनहतेरीजुदाईमेंकिए
जैसेतूफ़ाँमेंकोईछोड़देघरशामकेबा'द
शामसेपहलेवोमस्तअपनीउड़ानोंमेंरहा
जिसकेहाथोंमेंथेटूटेहुएपरशामकेबा'द
रातबीतीतोगिनेआबलेऔरफिरसोचा
कौनथाबाइस-ए-आग़ाज़-ए-सफ़रशामकेबा'द
तूहैसूरजतुझेमा'लूमकहाँरातकादुख
तूकिसीरोज़मेरेघरमेंउतरशामकेबा'द
लौटआएनकिसीरोज़वोआवारा-मिज़ाज
खोलरखतेहैंइसीआसपेदरशामकेबा'द