kisi ki yaad hai aur hasraton ka maatam hai | किसी की याद है और हसरतों का मातम है

  - Fakhr Zaman
किसीकीयादहैऔरहसरतोंकामातमहै
बहुतदिनोंसेलगातारआँखपुर-नमहै
होज़र्दज़र्दक्यूँँशम्अ'कीज़ियायारो
किउसकोअपनेपिघलनेकाजाँ-गुसिलग़महै
ग़म-ओ-अलमकाभीएहसासअबनहींहोता
शुऊर-ओ-फ़िक्र-ओ-नज़रकाअजीबआलमहै
लहूजलाओकुछउसमेंकिरौशनीतोबढ़े
चराग़-ए-बज़्मसर-ए-शामहीसेमद्धमहै
बचीहैख़ममेंजोवो'फ़ख़्र'हैमिराहिस्सा
किमेरेजामहीमेंदूसरोंसेमयकमहै
  - Fakhr Zaman
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy