tum dariyaa sa ashk bahao to jaanen | तुम दरिया सा अश्क बहाओ तो जानें

  - Faiz rahil Khan
तुमदरियासाअश्कबहाओतोजानें
क्यागुज़रीहैबातबताओतोजानें
दादाकीपहचानबतानाआसाँहै
अपनेदमपरनामकमाओतोजानें
बस्तीमेंतुमख़ूबसियासतकरतेहो
बस्तीकीआवाज़उठाओतोजानें
बच्चोंजैसाअश्कबहाकरआएहो
तुम'आशिक़होदर्दछुपाओतोजानें
जिस्मसजाकरबैठगएहोक्यासमझूँ
पलकोंपरकुछख़्वाबसजाओतोजानें
थोड़ापीकरताजउठातेफिरतेहो
मय-ख़ानोंमेंरातबताओतोजानें
क्यूँँक्याकैसे'फ़ैज़'यहीतोकरताहै
तुमशाइ'रहोशे'रसुनाओतोजानें
  - Faiz rahil Khan
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