khushi | ख़ुशी

  - Faisal Azeem
ख़ुशी
अदमकेकिसीझरोके
कीओटसेझाँकतीनज़रकाफ़रेबकोई
तवीलबे-रहमरास्तोंपरसराबकोई
तमामशबजुगनुओंकोचुननेकाख़्वाबकोई
ख़ुशी
वोरहरहकेचंदलम्होंकोसाँसलेताहबाबकोई
उदासतारोंकोछेड़तीउँगलियोंकेज़ख़्मोंउठतेसरकेख़यालमेंगुमरबाबकोई
ख़ुशी
किमीज़ानकेजज़ीरोंसेदूरइकबे-निशानसाहिल
ज़मानेभरकीख़लीजहाइल
उभरतीमौजोंमें
ग़र्क़होनेकीदास्तानोंकीझिलमिलाहट
जोछूनाचाहो
तोदस्तरसमें
कोईजज़ीराकोईसाहिल
येख़ाकऔरआबकातवाज़ुन
येबंदमुट्ठीसेज़र्राज़र्राफिसलतीमिट्टी
नज़रमेंकोलाज़इकमुजर्रद
इधरगुमाँकीमुंडेरपरकुछनिशान
अन्क़ाकेबैठनेकाफ़रेबजैसे
तूउसकिनारेतराज़ूथा
में
मुजस्स
मेंकीसफ़ेदआँखोंपेमा'नविय्यतकीकालीपट्टी
वहीसियाही
अँधेरेकाहैजोपेश-ख़ेमा
वोसंगआँखें
किजिनमेंपुतलीकभीनहींथी
वोजिनकीतहमें
किसीकिरनकागुज़रनहींहै
ख़ुशीहैक्यामुंसिफ़ीहैक्या
कुछख़बरनहींहै
  - Faisal Azeem
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