chalo kuchh to raah tay ho na chale to bhool hogii | चलो कुछ तो राह तय हो न चले तो भूल होगी

  - Ezaz Afzal
चलोकुछतोराहतयहोचलेतोभूलहोगी
अभीबंदहरगलीहैजोखुलेगीतूलहोगी
तिरेहुस्नकीवदीअतमिरीजुरअत-ए-नज़ारा
तिरेरू-ब-रूझुकेगीतोनज़रकीभूलहोगी
मिरेहम-सफ़रबढ़ेंगेमुझेरास्ताबताकर
मिरेपाँवसेउड़ीहैमिरेसरपेधूलहोगी
मुझेक़िबला-रूबिठाकरमिरेहाथउठानेवालो
येयक़ीनभीदिलादोकिदु'आक़ुबूलहोगी
चलोमानलेंयेदोनोंकोईशयहैमस्लहतभी
सितमकादिलदुखेगावफ़ामलूलहोगी
तिराफ़न-ए-क़िस्सा-गोईअभीदारतकहीपहुँचा
मिरेशौक़कीकहानीअभीऔरतूलहोगी
वोलहूकीधार'अफ़ज़ल'जोहैक़र्ज़ख़ंजरोंपर
करेंगेहमतक़ाज़ाकभीवसूलहोगी
  - Ezaz Afzal
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