rusva bhi hue jaam patkna bhi na aaya | रुस्वा भी हुए जाम पटकना भी न आया

  - Ezaz Afzal
रुस्वाभीहुएजामपटकनाभीआया
रिंदोंकोसलीक़ेसेबहकनाभीआया
वोलोगमिरीतर्ज़-ए-सफ़रजाँचरहेहैं
मंज़िलकीतरफ़जिनकोहुमकनाभीआया
थाजिनमेंसलीक़ावोभरीबज़्ममेंरोए
हमकोतोकहींछुपकेसिसकनाभीआया
हमऐसेबला-नोशकिछलकातेहीगुज़री
तुमऐसेतुनुक-ज़र्फ़छलकनाभीआया
हमजागरहेथेसोअभीजागरहेहैं
ज़ुल्मत-ए-शबतुझकोथपकनाभीआया
ललचाईकोईज़ुल्फ़मचलाकोईदामन
इसबाग़केफूलोंकोमहकनाभीआया
कम-बख़्तसू-ए-दैर-ओ-हरमभागरहीहैं
गुलशनकीहवाओंकोसनकनाभीआया
लहरातीज़राप्यासज़राकानहीबजते
इनख़ालीकटोरोंकोखनकनाभीआया
  - Ezaz Afzal
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