ab saraab ke chash | अब सराब के चश्में मौजज़न नहीं होते

  - Ezaz Afzal
अबसराबकेचश्मेंमौजज़ननहींहोते
ख़ुश्कहोगएशायदतिश्नगीकेसबसोते
नींदमेंभीचादरकाइतनापासहैतुमको
कुछतोपाँवफैलाओइसतरहनहींसोते
कैसीरातआईहैनींदउड़गईसबकी
मंज़िलेंथपकतीहैंक़ाफ़िलेनहींसोते
ख़्वाबख़ुदहक़ीक़तहैंआँखखोलकरदेखो
किसनेकहदियातुमसेख़्वाबसचनहींहोते
चाकहोगयादामनहाथहोगएज़ख़्मी
एकदाग़-ए-रुस्वाईऔरकिसतरहधोते
गिर्या-ओ-तबस्सुमतोहैंनक़ाबचेहरोंके
आइनेनहींहँसतेआइनेनहींरोते
  - Ezaz Afzal
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