kaar-e-khair itnaa to ai laghizish-e-paa ho jaata | कार-ए-ख़ैर इतना तो ऐ लग़्ज़िश-ए-पा हो जाता

  - Ejaz Warsi
कार-ए-ख़ैरइतनातोलग़्ज़िश-ए-पाहोजाता
पाएसाक़ीपेहीइकसज्दाअदाहोजाता
वोतोयेकहिएकिमजबूरहैनज़्म-ए-हस्ती
वर्नाहरबंदा-ए-मग़रूरख़ुदाहोजाता
क़ाफ़िलेवालेथेमहरूम-ए-बसीरतवर्ना
मेराहरनक़्श-ए-क़दमराह-नुमाहोजाता
ग़मकेमारोंपेभीदावर-ए-हश्रएकनज़र
आजतोफ़ैसला-ए-अहल-ए-वफ़ाहोजाता
यूँँअँधेरोंमेंभटकतेकभीअहल-ए-ख़िरद
कोईदीवानाअगरराह-नुमाहोजाता
दिलतिरीनीम-निगाहीकातोमम्नूनसही
दर्दअभीकमहैज़राऔरसिवाहोजाता
लज़्ज़त-ए-ग़मसेहैज़िदफ़ितरत-ए-ग़मकोशायद
दर्दहीदर्दक्यूँँदर्ददवाहोजाता
सुनकेभरआताअगरउनकाभीदिल'एजाज़'
क़िस्सा-ए-दर्दकाउनवाननयाहोजाता
  - Ejaz Warsi
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