राह-ए-तलबमेंअहल-ए-दिलजबहद-ए-आमसेबढ़े
कश्मकश-ए-हयातकेऔरभीहौसलेबढ़े
किससेयेपूछिएभलातिश्ना-लबोंकोक्यामिला
कहनेकोयूँँतोरोज़हीसैकड़ोंमय-कदेबढ़े
कोशिश-ए-पैहमआफ़रींमंज़िलअबआगईक़रीब
मुज़्दाहोआरज़ू-ए-दिलपाँवकेआबलेबढ़े
आतेहीउसनेबज़्ममेंरुख़पेनक़ाबडालली
हाएवोमंज़र-ए-हसींजैसेदिएजलेबढ़े
वक़्तकीआज़माइशेंलातीहैंज़ीस्तपरनिखार
फूलोंकोदेखलीजिएकाँटोंमेंजोपले-बढ़े
ताबिश-ए-हुस्न-ए-यारनेछीनलीताब-ए-अर्ज़-ए-शौक़
जितनेक़रीबआएवोउतनेहीफ़ासलेबढ़े
राहोंकेरुख़बदलगएमंज़िलेंदूरहोगईं
ख़िज़्रकेए'तिबारपरजबकभीक़ाफ़िलेबढ़े