dhund ka aankhoñ par hogaa parda ik din | धुँद का आँखों पर होगा पर्दा इक दिन

  - Ejaz Obaid
धुँदकाआँखोंपरहोगापर्दाइकदिन
होजाएँगेहमसबबे-चेहराइकदिन
जिसमुट्ठीमेंफूलहैउसकोबंदरखो
खिलकरयेजुगनूबनजाएगाइकदिन
आँखेंमलमलकरदेखेंगेख़्वाबहैक्या
ऐसेरंगदिखाएगीदुनियाइकदिन
चांद-सितारेकहींडुबोएजाएँगे
ख़ुशबूपरलगजाएगापहराइकदिन
होजाएँगेख़त्मख़ज़ानेअश्कोंके
यूँँनिकलेगाअपनादीवालाइकदिन
उसकेपासउगादोकोईऔरदरख़्त
पेड़येहोजाएगाहरियालाइकदिन
  - Ejaz Obaid
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