tha vo jungle ki nagar yaad nahin | था वो जंगल कि नगर याद नहीं

  - Ejaz Obaid
थावोजंगलकिनगरयादनहीं
क्याथीवोराहगुज़रयादनहीं
येख़यालआताहैमैंख़ुशथाबहुत
किसतरफ़थामिराघरयादनहीं
क्याथीवोशक्लपेभोलीथीबहुत
प्यारासानामथापरयादनहीं
ज़ख़्मोंकेफूलहैंदिलमेंअबभी
किसनेबख़्शेथेमगरयादनहीं
इकघनीछाँवमेंदिनबीताहै
शबकहाँकीथीबसरयादनहीं
एकलम्हातोधड़कताहैज़रूर
कईसदियोंकासफ़रयादनहीं
ताक़थेदास्ताँकहनेमें'उबैद'
अबब-जुज़दीदा-ए-तरयादनहीं
  - Ejaz Obaid
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