raushni ko teergii ka qahr ban kar le gaya | रौशनी को तीरगी का क़हर बन कर ले गया

  - Ejaz Asif
रौशनीकोतीरगीकाक़हरबनकरलेगया
आँखमेंमहफ़ूज़थेजितनेभीमंज़रलेगया
अजनबीसालगरहाहूँआजअपनेआपको
आइनेकेसामनेमैंकिसकापैकरलेगया
क्यूँँनज़रआतीनहींअबकाटीसत्ह-ए-आबपर
खींचकरनद्दीकेसरसेकौनचादरलेगया
फिरहुईआमादा-ए-पैकारपेड़ोंसेहवा
फिरकोईझोंकाकईपत्तेउड़ाकरलेगया
रोकतेहीरहगएदीवार-ओ-दर'आसिफ़'मुझे
मैंमगरचुप-चापख़ुदकोघरसेबाहरलेगया
  - Ejaz Asif
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