sada-e-ahd-e-wafa ko zawaal kyun aaya | सदा-ए-अहद-ए-वफ़ा को ज़वाल क्यूँँ आया

  - Ejaz Asif
सदा-ए-अहद-ए-वफ़ाकोज़वालक्यूँँआया
लब-ए-सुकूतपेहर्फ़-ए-सवालक्यूँँआया
किसेख़बरकिचमनमेंख़िज़ाँकीआमदपर
ग़ुरूर-ए-शोला-ए-गुलकोजलालक्यूँँआया
बुझारहाथामैंअपनेवजूदकाख़ुर्शीद
तिरीनिगाहमेंरंग-ए-मलालक्यूँँआया
शब-ए-फ़िराक़नेदेखीथीमिरीसूरत
शब-ए-फ़िराक़कोमेराख़यालक्यूँँआया
चुभनहैज़ेहनमें'आसिफ़'किइसअँधेरेमें
उफ़ुक़केहाथपेआख़िरहिलालक्यूँँआया
  - Ejaz Asif
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