aa gaya eesaar mere halka-e-ahbaab men | आ गया ईसार मेरे हल्क़ा-ए-अहबाब में

  - Ejaz Asif
गयाईसारमेरेहल्क़ा-ए-अहबाबमें
फिरकिसीशोलेनेपाईहैनुमूबर्फ़ाबमें
कहरहीहैसाहिलोंसेडूबनेवालेकीलाश
मैंनेपायाहैसुकूँइकमुज़्तरिबगिर्दाबमें
काँपउट्ठाहूँवरूद-ए-बारिश-ए-मौऊदापर
ग़र्क़होनेकोहैसाराशहरसैल-ए-आबमें
मेरेहाथोंमेंअगरतक़दीर-ए-सुब्ह-ओ-शामहो
तितलियाँता'बीरकीरखदूँकिताब-ए-ख़्वाबमें
ख़ाककेपुतलेनेआख़िरकरदियाइफ़्शाउसे
दफ़नथाजोराज़अबतकसीना-ए-महताबमें
सामनेकीचीज़में'आसिफ़'नहींकोईकशिश
तकयूँँहैरतसेअपनेअक्सकोतालाबमें
  - Ejaz Asif
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