har ek shay ki haqeeqat se ba-khabar dekhooñ | हर एक शय की हक़ीक़त से बा-ख़बर देखूँ

  - Ejaz Asif
हरएकशयकीहक़ीक़तसेबा-ख़बरदेखूँ
मैंअपनीख़ाकमेंपिन्हाँतुझेभीगरदेखूँ
येक्याकिहातबढ़ाऊँतोसंग-रेज़ेमिलें
कहींतोमैंभीदमकतेहुएगुहरदेखूँ
होआँखमेंकिसीचेहरेकाडूबतामंज़र
मैंपानियोंमेंमुक़य्यदकिसीकाघरदेखूँ
तमामउम्रउसीसाएकीतलाशकरूँँ
किजिसकोदेखनाचाहूँतोदर-ब-दरदेखूँ
नज़रकेसामनेजबहोकोईतेरेसिवा
मैंतेरीसम्तदेखूँतोफिरकिधरदेखूँ
हैआरज़ूयही'आसिफ़'किराह-ए-ज़ुल्मतमें
उसेभीअपनीतरहमैंकभीनिडरदेखूँ
  - Ejaz Asif
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