kis dil se ham iraada-e-tark-e-junoon karen | किस दिल से हम इरादा-ए-तर्क-ए-जुनूँ करें

  - Ejaz Asif
किसदिलसेहमइरादा-ए-तर्क-ए-जुनूँकरें
मुमकिननहींकिख़्वाहिश-ए-सहराकाख़ूँकरें
कुछगुफ़्तुगूहोआजउरूस-ए-बहारसे
कुछहमख़िज़ाँ-रसीदाभीहासिलसकूँकरें
हाँबे-कनारियोंसेकरेंआश्नाउसे
हाँदर्द-ए-इंतिज़ारकोकुछतोफ़ुज़ूँकरें
मंज़िलकाजिससेमिलसकेता-अबदसुराग़
वोराहइख़्तियारबताओतोक्यूँँकरें
देंआरज़ूकोरंग-ए-रह-ए-यार-ए-ख़ुश-ख़िराम
फ़ुर्सतमिलेतो'आसिफ़'-ओ-'ख़ालिद'भीयूँँकरें
  - Ejaz Asif
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