tiri shabeeh ko likkha hai rang-o-boo main ne | तिरी शबीह को लिक्खा है रंग-ओ-बू मैं ने

  - Ehtimam Sadiq
तिरीशबीहकोलिक्खाहैरंग-ओ-बूमैंने
गुलोंकीऐसेबचालीहैआबरूमैंने
किताब-ए-ज़ीस्तपेहैलफ़्ज़-ए-ना-शनासाई
मगरयेक्याकिलिखातुमकोआजतूमैंने
मुझीमेंरहकेवोअबतकनहींमिलामुझको
किएकउम्रसेकीजिसकीजुस्तुजूमैंने
रहेंगेचैनसेअबदर्दमैंमोहब्बतग़म
तुम्हारीदिलसेमिटादीहैआरज़ूमैंने
जोमेरेलहजेमेंअबभीख़ुमारहै'सादिक़'
किसीसेख़्वाबमेंकरलीथीगुफ़्तुगूमैंने
  - Ehtimam Sadiq
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