mohabbaton ke naye daayron men rehta hooñ | मोहब्बतों के नए दाएरों में रहता हूँ

  - Ehtimam Sadiq
मोहब्बतोंकेनएदाएरोंमेंरहताहूँ
ख़तोंकेमत्नसेअबहाशियोंमेंरहताहूँ
तमामजिस्महीआँखेंकिएहैवोअपना
मैंएकवक़्तकईआइनोंमेंरहताहूँ
मैंजानजाननिछावरहूँअपनीमिट्टीपर
वोसोचतेहैंकिमैंसाज़िशोंमेंरहताहूँ
क़दमक़दमपेबलाएँहैंमेरेहिस्सेमें
मैंख़ुश-नसीबसदासानेहोंमेंरहताहूँ
मैंख़ाकख़ाकउड़ाताहूँअपनीमिट्टीका
कहींमैंअबभीतिरीबंदिशोंमेंरहताहूँ
  - Ehtimam Sadiq
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