khayaal-e-anjaam-e-aarzoo tha ki ek jhonka tha tez loo ka | ख़याल-ए-अंजाम-ए-आरज़ू था कि एक झोंका था तेज़ लू का

  - Ehsan Darbhangavi
ख़याल-ए-अंजाम-ए-आरज़ूथाकिएकझोंकाथातेज़लूका
झुलसगयावोहसीनपौदाजोनाज़-पर्वर्दाथानुमूका
हज़ारोंइसमय-कदेमेंकरचलेगएतिश्नगीबुझाकर
मगरमिरानाज़-ए-तिश्ना-कामीतवाफ़करतारहासुबूका
हिकायत-ए-चश्म-ए-नाज़तुझसेहदीस-ए-राज़-ओ-नियाज़तुझसे
येसोज़तुझसेयेसाज़तुझसेकितूमुहर्रिकहैआरज़ूका
नज़रकेजादूसुलादिएहैंदिलोंकेशो'लेबुझादिएहैं
हिजाबहमनेउठादिएहैंतिलिस्मतोड़ाहैरंग-ओ-बूका
हसीनहोंटोंकीथरथराहटसेदहन-ए-शाइ'रमेंथरथरीहै
सुरूरछायाहुआहैदिलपरकिसीकीख़ामोशगुफ़्तुगूका
हक़ीक़तआएगीसामनेजबतोफिरफ़सानाकहाँरहेगा
तुम्हाराअफ़्सूँरहेसलामततिलिस्मतोड़ोरंग-ओ-बूका
तबीअतइकअंजुमनबनीहैहयात'एहसाँ'दुल्हनबनीहै
तमामदुनियाचमनबनीहैयेफ़ैज़हैकिसकीआरज़ूका
  - Ehsan Darbhangavi
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